रंगीन पट्टि (स्पेक्ट्रम) की उत्पत्ति का कारण

Er Chandra Bhushan
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 रंगीन पट्टि (स्पेक्ट्रम) इस  कारण उत्पन्न होती हैं की प्रिज्म द्वारा विभिन्न वर्णो (विभिन्न तरंगदैर्ध्य) के प्रकाश का विचलन अलग-अलग होता है- लाल वर्ण (रंग) का विचलन सबसे अधिक। अर्थात, अधिक तरंगदैर्ध्य के प्रकाश का विचलन, कम तरंगदैर्ध्य के प्रकाश की अपेक्षा कम होता है। प्रिज्म द्वारा विभिन्न वर्णो (रंगो) के अलग-अलग विचलन का कारण यह है कि विभिन्न वर्णो (विभिन्न तरंगदैर्ध्यो) का प्रकाश काँच में विभिन्न चाल से चलता है ।

काँच में, बैंगनी वर्ण (रंग)के प्रकाश की चाल, लाल के प्रकाश की चाल की अपेक्षा कम होती है।इसके फलस्वरूप बैगनी वर्ण (रंग) के लिए काँच का अपवर्तानक महत्तम होता है जबकि लाल वर्ण(रंग) के लिए इसका (अर्थात अपवर्तानक का) मान न्युनतम होता है।

प्रकाश के विभिन्न वर्ण और उनके तरंगदैर्ध्य                              


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