प्रकाश का परावर्तन क्या हैं

Er Chandra Bhushan
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प्रकाश का  परावर्तन एक ऐसा युक्ति है जिसके कारण प्रकाश के किरण किसी वस्तु से टकराकर लौटती हैं। 

समतल दर्पण (Plane Mirror):-यदि किसी समतल काँच(Glass) एक पट्टिका को पॉलिश (Silvered)कर दिया जाय तब वह काँच समतल दर्पण कहलाती है।

अच्छी तरह से पॉलिश की हुई चिकनी सतहों पर पड़नेवाले प्रकाश का अधिकांश भाग उनके द्वारा लौटा दिया जाता हैं ,अर्थात परावर्तित हो जाता हैं। समतल दर्पण प्रकाश का एक अच्छा परावर्तक है।   



समतल दर्पण (plane mirror)चिकने  काँच की एक समतल प्लेट से बना होता है। समतल काँच की प्लेट की एक सतह को रजतित(silvered)कर दिया जाता हैं ,अर्थात उस पर रजत (चाँदी ,silver) की एक पतली परत जमा दी जाती है।  रजतित करने के बाद उस चाँदी की पतली परत पर लाल या किसी अन्य गहरे रंग की पेंट (paint)चढ़ा दी जाती है। पेंट चढाने से चाँदी की परत खरोंच आदि से सुरक्षित रहती है। 
प्रकाश के किरणों का पथ दर्शानेवाले चित्रों को किरण आरेख (ray diagram) कहा जाता है। किरण-आरेखों में सुविधा के लिए समतल दर्पण को ऊपर के चित्र की तरह दर्शाया जाता है।  
 
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