कक्षा 10 अध्याय 10 प्रश्न 5

Er Chandra Bhushan
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 हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है।इसका क्या अभिप्राय है। 

हल:- हीरे का अपवर्तनांक = वायु/निर्वात में प्रकाश की चाल/हीरे में प्रकाश की चाल

2.42=c/v

⇒c=2.42v

अतः हीरे का अपवर्तनांक 2.42 से यही अभिप्राय है कि वायु/निर्वात में प्रकाश की चाल, हीरे में प्रकाश की चाल की 2.42 गुना अधिक है। 


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